मंगलवार, 14 जुलाई 2020

सोने की ईंट

      तीन लोग एक साथ सफर कर रहे थे। सफर काफी लंबा था, जब वह  किसी सुनसान जंगल से गुजर रहे थे तो अचानक उन्हें कुछ चमकता हुआ नजर आया।
 तीनों में से एक शख्स ने अपने साथियों से कहा, 
  देखो क्या तुम्हें वह चमकती हुई चीज नजर आ रही है?
  उसके साथी उधर देखने लगे जिधर वह चमकती हुई चीज नजर आ रही थी,
 उन तीनों में से एक बोला चलो देखते हैं क्या चीज है दूसरे ने भी हां में हां मिलाई और तीनो उस चमकती हुई चीज की तरफ चल पड़े जब करीब पहुंचे तो उन्हें मालूम होता है कि जो चीज चमक रही थी वह एक सोने की ईंट थी,ईट को देखकर उन लोगों की खुशी का ठिकाना ना रहा,
  उन लोगों ने जल्दी-जल्दी उस को उठाया लेकिन यह यह देखकर और भी हैरान रह गए कि वहां पर एक नहीं तीन सोने की ईंटें थी, तीनों सोने की इंटो को देख कर खुश हो गए। उन्होंने खुदा का शुक्र अदा किया, तीनों ने एक एक सोने की ईंट आपस में बांट ली और आगे सफर पर चल पड़े, सफर लंबा था इसलिए शाम हो गई।
     तीनों ने फैसला किया कि कोई अच्छी जगह देख कर रात गुजार लेगें जब एक जगह पर ठहर गए तो उन्हें भूख का एहसास हुआ, तीनों ने फैसला किया कि एक आदमी शहर से खाना जाकर लाए और दो आदमी यहीं पर बैठकर सोने की इटों की हिफाज़त करेंगे। इस तरह उनमें से एक आदमी शहर की ओर चला गया खाना लाने के लिए, 
         रास्ते में अचानक उसके दिल में ख्याल आता है कि क्यों ना मैं खाने में जहर मिला दूं , ताकि यह दोनों जहर खा कर के मर जाएं तो तीनों ही ईंट मेरी हो जाएंगी, ऐसा शैतानी खयाल आने के बाद उसने खाना लिया और उसमें उसने जहर मिला दिया और खुशी खुशी खाना लेकर अपने साथियों की तरफ चल पड़ा, रास्ते में पता नहीं कितने सपने परोए कि अब मैं दौलतमंद हो जाऊंगा, अब तो मैं बादशाह जैसी जिंदगी गुजरूंगा मेरे पास में इतनी दौलत होगी कि मेरे पड़ोसी  देख कर के रश्क करेंगे। और यही सोचते हुए वह खाना अपने साथियों के पास लेकर पहुंचता है। 
         पर यह क्या जैसे ही वह अपने साथियों को खाना देता है वह दोनों उस पर हमला कर देते हैं और उसे मौत के घाट उतार देते हैं।
       दरअसल उसके शहर जाने के बाद जब वह खाना लेने गया था, उस वक्त उसके दोनों साथियों ने आपस में मिलकर के एक साजिश रची कि क्यों ना हम अपने एक साथी को जो खाना लेने गया है उसे हम दोनों मिलकर के कत्ल कर दें और उसकी ईट हम दोनों आपस में बांट लें यह साजिश रचने के बाद वह लोग इस घात में बैठ गए कि जैसे ही हमारा साथी खाना लेकर आएगा हम उस पर टूट पड़ेंगे और उसे कत्ल कर देंगे।
लिहाज़ा जैसा उन दोनों ने प्लान बनाया था ऐसा ही हुआ जैसे ही उनका साथी खाना ले करके वापस लोटा वह दोनों ने उस पर हमला कर दिया और उसे मार डाला।        अपने साथी को मारने के बाद दोनों बहुत खुश होते हैं, 
फिर उन्हें याद आता है कि खाना रखा है चलो खाना खा लेते हैं और वह दोनों खुशी खुशी खाना खाने बैठ जाते हैं पर यह क्या जैसे ही उन लोगों ने निवाला मुंह में रखा उन्हें महसूस हुआ कि खाने में जहर है, पर अब देर हो चुकी थी वह दोनों तड़प रहे थे और कुछ ही पल में वह मर चुके थे वह तीनों सोने की ईट जिसके लिए उन दोनों ने अपने साथियों की जान ली थी उन्हीं ईंट की वजह से उनके साथी ने उन दोनों की भी जान ले ली थी, 
 अब वह सोने की ईंटे उन तीनों के बेजान जिस्म के दरमियान पड़ी हुई चमक रही थी उस बियाबान जंगल में, जिनकी चाहत में वह तीनों अपनी ज़िन्दगी गंवा चुके थे।
       सिर्फ इसलिए कि वह लोग इस बात पर खुश न थे जो कुद्रत ने उन्हें बिना मेहनत के दे दिया था। लालच ने  उन्हें अपनी दौलत पर नहीं बल्कि अपनी पड़ोसी कि दौलत पर देखने को मजबूर किया, नतीजा यह निकला  कि ना सिर्फ दोस्तो को खोया बल्कि खुद अपनी जान गंवा बैठे।
लालच की बुनियाद पर एक दूसरे की  जान के दुश्मन हो गए, जो खजाना उन्हें कुदरत ने दिया था उसको अपनी लालच और हिर्स की बुनियाद पर खो दिया  तो दोस्तों इस कहानी से हमें मालूम पड़ा के हर इंसान के हिस्से का जो भी हक है कुदरत उसे दे देती है लेकिन इंसान अपनी हवस की बुनियाद पर उससे खुश नहीं रहता और ज्यादा पाने की चाह में अपने ही दोस्तों और रिश्तेदारों से दुश्मनी करता है और अपने पास जो उसका माल दौलत शोहरत इज्जत जिसे उसे कुदरत ने दिया है वह सिर्फ और ज्यादा की चाहत व लालच की बुनियाद पर उसे बर्बाद कर देता है इसीलिए किसी ने कहा है कि जितना है उतने पर सब्र करो जिंदगी खूबसूरत बन जाएगी 
Image source: pexel.com

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